Author Archives: Anonymous from Net
मुझको भी तरकीब सिखा यार जुलाहे
मुझको भी तरकीब सिखा यार जुलाहे
– Gulzar
अकसर तुझको देखा है कि ताना बुनते
जब कोइ तागा टुट गया या...
यात्रा और यात्री
यात्रा और यात्री
– हरिवंश राय बच्चन (Harivansh Rai Bachchan)
साँस चलती है तुझे
चलना पड़ेगा ही मुसाफिर!
चल रहा...
है अँधेरी रात पर दीवा जलाना कब मना है
है अँधेरी रात पर दीवा जलाना कब मना है
– Harivansh Rai Bachchan
कल्पना के हाथ से कमनीय जो मंदिर बना था
भावना...
मकान
मकान
– कैफी आजमी (Kaifi Azmi)
आज की रात बहुत गरम हवा चलती है
आज की रात न फुटपाथ पे नींद आयेगी ।
सब उठो,...
नर हो न निराश करो मन को
नर हो न निराश करो मन को
कुछ काम करो कुछ काम करो
जग में रहके निज नाम करो
यह जन्म हुआ किस अर्थ अहो
समझो...
नहुष का पतन
मत्त-सा नहुष चला बैठ ऋषियान में
व्याकुल से देव चले साथ में, विमान में
पिछड़े तो वाहक विशेषता से...
आर्य
हम कौन थे, क्या हो गये हैं, और क्या होंगे अभी
आओ विचारें आज मिल कर, यह समस्याएं सभी
भू लोक का गौरव,...
कृष्ण की चेतावनी (रश्मिरथी)
वर्षों तक वन में घूम-घूम, बाधा-विघ्नों को चूम-चूम,
सह धूप-घाम, पानी-पत्थर, पांडव आये कुछ और निखर।
सौभाग्य...
वसुधा का नेता कौन हुआ? (रश्मिरथी)
सच है, विपत्ति जब आती है,
कायर को ही दहलाती है,
शूरमा नहीं विचलित होते,
क्षण एक नहीं धीरज खोते,
विघ्नों...
समर शेष है
ढीली करो धनुष की डोरी, तरकस का कस खोलो
किसने कहा, युद्ध की बेला गई, शान्ति से बोलो?
किसने कहा, और...

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