Archive: Literature Subscribe to Literature
आज के परिपेक्ष व इन्टरनेट के युग मैं हिंदी दिवस : हार्दिक उदगार या सिर्फ रस्म-अदायगी : राजभाषा
आज के परिपेक्ष व इन्टरनेट के युग मैं हिंदी दिवस : हार्दिक उदगार या सिर्फ
रस्म-अदायगी : राजभाषा
हेमंत...
साहब की घंटी और पश्चात्ताप (अर्थात्, अब मैं कालूराम)
साहब की घंटी और पश्चात्ताप (अर्थात्, अब मैं कालूराम)
शुभ्रांशु
आपने सरकारी...
Great ghazalised version of Abhi Na Jao Chhod kar
A great ghazal version of Abhi na jao chhod kar , lycist Ajay Sahib , singer Rajesh
Abhi Na Jaao Chhod Kar #viral video #full version by Ajay Sahaab &Rajesh singh#new unsung stanzas – YouTube
मैं ही हूँ प्रोसीजर बाबू
मैं ही हूँ प्रोसीजर बाबू – ेShubhranshu
मैं ही हूँ प्रोसीजर बाबू
नहीं किसी के आया क़ाबू
जनता हो...
हे भारत के राम जगो मैं तुम्हें जगाने आया हूँ
हे भारत के राम जगो मैं तुम्हें जगाने आया हूँ
हिंदी कविता को पसंद करने वालों को यह विडियो पसंद...
राधा व् कृष्ण
राधा व् कृष्ण
एक बार राधा व् कृष्ण स्वर्ग में विचरण करते हुए
अचानक एक दुसरे के सामने आ गए
विचलित...
हम तो ठहरे आम आदमी , अर्थ नीति का ज्ञान नहीं है
हम तो ठहरे आम आदमी , अर्थ नीति का ज्ञान नहीं है
एक इन्टरनेट पर प्रचलित जन भावनाओं को दर्शाती कविता...
Ahista chal zindagi, abhi kai karz chukana baaki hai Gulzar
Gulzar in very simple language
Read it slowly and understand it.
Ahista chal zindagi, abhi kai karz chukana baaki hai. Kuch dard mitana baaki hai, kuch farz nibhana baaki hai. Raftaar mein tere chalne se kuchh rooth gaye, kuch chhut gaye....
पाकिस्तान के शायर सुलेमान हैदर की कविता ‘मैं भी काफिर, तू भी काफिर’ इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है –
पाकिस्तान के शायर सुलेमान हैदर की कविता ‘मैं भी काफिर, तू भी काफिर’ इन दिनों चर्चा का विषय बनी...

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