UK May Achieve Zero Net Immigration in Two Years : शांति प्रिय, प्रगतिवादी हिन्दुओं को आतंकी , अपराधी व लड़ाकू लोगों  के बराबर रख अपनी अर्थव्यवस्था को नुक्सान पहुंचा रहा है .

UK May Achieve Zero Net Immigration in Two Years : शांति प्रिय, प्रगतिवादी हिन्दुओं को आतंकी , अपराधी व लड़ाकू लोगों  के बराबर रख इंग्लैंड अपनी अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढाँचे को को नुक्सान पहुंचा रहा है .                                            राजीव उपाध्याय

इंग्लैंड कि अर्थ व्यवस्था डांवाडोल है . दस साल से अधिक समय से प्रति  व्यक्ति आय घट रही है . विकास दर लगभग जीरो है और ऊपर से महंगाई आसमान छू रही है .कोई आशा कि किरण भी नहीं दीख रही है .

परन्तु फिर भी जनता इस समय बहुत आक्रोश मैं है क्योंकि २०२२ -२३ मैं लगभग दस लाख अधिकांश एशियायी लोग ब्रिटेन  मैं आ गए  जिससे एक बड़ी बहस छिड़ गयीं है और इस समय माहौल घोर प्रवासी विरोधी है . यहाँ तक की एक छोटे से  नेता नील फराज की रिफार्म पार्टी  वर्तमान  लेबर सरकार को हरा कर सरकार बनाने के करीब आ गयी है . रिफार्म पार्टी सिर्फ विदेशियों को निकलने के एजेंडा  पर लोकप्रिय हो गयी है .

इसलिए लेबर सरकार ने सारा जोर विदेशियों की संख्या कम करने पर लगा दिया है . इस वर्ष कुल IMMGRATION कि बढ़त 6.75  लाख से घट कर ढाई लाख तक गिर गयी है और दो  साल मैं चुनाव से पहले शायद इसे जीरो भी कर दिया जाये .

इंग्लैंड मैं हिन्दुओं की संख्या मात्र ११  लाख है . इसके विपरीत मुसलामानों की संख्या लगभग ५०  लाख ( २०२१ ) है जिसमें मुख्यतः पाकिस्तानी व बंगलादेशी लगभग 20 लाख हें . इनमें से 6  लाख सिर्फ लन्दन मैं रहते हें . इसलिए लन्दन का मेयर सादिक खान भी पूर्व पाकिस्तानी है जो तीसरी बार चुना गया है .

पाकिस्तानी वहां हर तरह के अपराध मैं संलिप्त  है . इनमें सबसे घ्रणित Pakistani Grooming Gang हिं जो ११ से सोलह साल की गोरी लड़कियों को अपहृत कर रेप करते हें और हज़ारों लड़कियों को इसका शिकार बनाया है . अभी हाल ही मैं एक सिख लडकी को भीड़ ने घर से इनके चुंगुल से छुड्वाया है . पहले यह सिख लड़कियों को Love Jihad का शिकार बनाते थे . इसके अलावा LONDON  मैं  अन्य स्थानों पर जहाँ मुस्लिम बाहुल्य है वहा पोलिस भी जाने से डरती है . इसलिए ग्रूमिंग गंग के मुख्य आरोपी को आज तक इंग्लंड से नहीं निकाल पाए . आतंकवाद कि हर बड़ी घटना मैं पाकिस्तानी मूल के लोग संलिप्त पाए गए . हाल मैं लन्दन मैं इजराइल के खिलाफ मुसलमानों को लाखों की भीड़ ने जलूस निकाला . पर किसी इंग्लैंड के हक मैं कभी कोई जलूस नहीं निकाला . जेलों मैं भी मुसलामानों की बहुतायत है क्योंकि अपराध ही उनका मुख्य धंधा है.

इसके अलावा खूब बच्चे पैदा करते हें और हर तरह के सरकारी झूठी अनुदान कि राशी लेकर अर्थ व्यवस्था पर  बोझ बने हुए हें .पर राजनितिक रूप से बहुत सक्रीय और संघटित हें और गोरों को दबा कर और डरा कर रखते हें . सऊदी इत्यादि देशों से पैसा भी आता है और मीडिया को भी कण्ट्रोल मैं कर रखा है.

इसके विपरीत इंग्लैंड के हिन्दू प्रगति शील हें, कानून का पूर्णतः पालन करते हें  पर कुछ ज्यादा ही शांति प्रिय  हें .खालिस्तानियों और पाकिस्तानियों का हम समुचित सार्वजनिक विरोध  नहीं कर पाते हें .

पर शिक्षा मैं हम गोरों से भी आगे हें और हमारे लोग गरीब भी बहुत कम हें पिछले वर्ष भारतियों ने ५.३ बिलियन पौंड आय पर टैक्स दिया और भारतियों की एवरेज २.३ लाख पौंड की सम्पत्ती है जो किसी भी विदेशी समूह से ज्यादा है . सरकारी अनुदानों को भी ज्यादा नहीं लेते . इसके विपरीत पाकिस्तानी ७५० मिलियन पौंड की सरकारी मदद लेते हें .बंगलादेशी तो अभी बहुत ज्यादा  गरीब हें . भारतियों की साप्ताहिक आय ७७० पोंड है और पाकिस्तानियों की ४४२ पौंड .

भारतीय छात्र उच्चतर शिक्षा मैं बहुत आगे हें . सामान्औयतः भारतीय गोरों से GCSE मैं १३ प्ररतिशत आगे  हें . पाकिस्तानी तो बहुत गरीब और पीछे हें . २०२२ मैं लगभग ४  लाख भारतीय छात्र इंग्लैंड आये थे अब यह संख्या बहुत घट गयी है .इससे इंग्लैंड की यूनिवर्सिटी की पढाई  लोकल लोगों के लिए बहुत मंहगी हो जायेगी . भारतीय स्वस्थ सेवा और कम्प्यूटर मैं आये थी जिसकी यहाँ कमी है .भारतीय अंग्रेजी मैं प्रवीण होते हें , धार्मिक उन्माद भी नहीं है और इतिहास का ज्ञान है. पर लोग सब एशिया के लोगों को भारतीय मान लेते है .

पर राजनितिक दबाब मैं अँगरेज़ पाकिस्तानियों को अब भी देश मैं घुसने से  नहीं रोक रहे और भारतीयों का बीबीसी मुखर विरोध करती है.यह हमारी भी विफलता है कि हम अमरीका की तरह यहीं राजनितिक रूप से सक्रीय नहीं हें .

भारत सरकार को इंग्लैंड को मुसलामानों का देश बनने से रोकना चाहिए क्योंकि अंततः यह कभी मिल कर भारत विरोधी गति विधियों का केंद्र बन जाएगा .

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