इस दीवाली चीनी माल का बहिष्कार कीजिये

patriots-forum

 

 

 

 

 

 

 

 

इस दीवाली चीनी माल का बहिष्कार कीजिये

राजीव उपाध्याय RKU

वैसे तो व्यापार दोनों यानि खरीदने वाले व् बेचने वाले के लिए मुनाफे का सौदा होता है . परन्तु सुनते हैं  जब अमरीका ने जापन पर अपने संतरे दबाब से लादने चाहे तो वहां की जनता ने संतरे खरीदने से मना कर दिया . अमरीका को भी समझ आ गया की सार्व भौम देशों के बीच दबाब की भी सीमायें  होती हैं . आज भारत मैं भी इसी को कर दिखाने का समय

आ गया है . चीन अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए जो चाहे करे . वह अपनी समृद्धि के लिए जो चाहे करे . परन्तु यदि वह भारत के विरुद्ध खुला आतंकवाद छेड़ने वाले मसूद अजहर को आतंकवादी घोषित होने से संयुक्त राष्ट्र संघ मैं बचाता है तो भारत की जनता को भी चीन को कडा सन्देश देना चाहिए . चीन का भारत के विरुद्ध आतंकवाद को समर्थन  सर्वथा अमान्य है .

इस दीवाली पर चीनी पटाखे , मूर्तियाँ , बिजली की रोशनियाँ इत्यादि नहीं खरीदें  और हो सके वहां तक घरों मैं  चीनी सामान  का बहिष्कार करें . भारतीय कुम्हार जो दीवाली पर दिए व् लक्ष्मी गणेश की मूर्तियाँ बेचते थे वह व्यर्थ मैं बेरोजगार हो रहे हैं .यदि हमने चीन से पाँच बिलियन डालर का आयात कम कर दिया तो चीन को भारत का वर्थ विरोध छोड़ना पडेगा . क्योंकि आज कल वह भी आद्योगिक मंदी का शिकार है . वैसे भी अजहर मसूद उसका कोई सगा नहीं है .आतंकवाद से तो चीन भी पीड़ित है . सिर्फ भारत को छोटा दिखाने की मुहीम है .

इस विषय पर भारतीय व्यापारियों द्वारा कार्यवाही प्रारंभ हो चुकी है . एक समाचार एजेंसी की खबर पढ़िए

 

 

‬: ## हार्दिक बधाई #

कल से देश के ब्यापारी अपने लाभ हानि को छोड़कर देश और सेना के साथ खड़े नजर आ रहे हैं
कल नोएडा के व्यापारियों ने 150 करोड़ के चायना का मॉल का ऑर्डर क्या कैन्सल किया कि
आज शाम तक केवल एनसीआर से लगभग 1500 करोड़ और अगर चीन की बौखलाहट देखे तो पुरे देश से लगभग 2 अरब डॉलर का ऑर्डर कैन्सल हुआ है ।

तभी तो आज चीन की सरकारी एजेंसी सिन्हुआ के प्रेस की अपने राष्ट्पति से दिल्ली पर लगाम लगाने जैसे शब्दों का इश्तेमाल किया,
अभी तो 2 अरब पर यह हाल है जिसदिन 62 अरब डॉलर बन्द होगा तब क्या होगा ।

NSG और मसूद अजहर पर बार 2 वीटो करने वाले चीन को हमारे देश के व्यापारियों ने घुटने के बल पर ला दिया वह भी बिना सरकारी आह्वाहन के अब अगर हम लोग भी चीन के सामान का खरीदारी ही बन्द कर दे तो ब्यापारी बेचेंगे ही नही ।
फिर भी आज से जो भी व्यापारी चीन के सामान का बहिष्कार किये वह वाकई सम्मान के पात्र है ।
देश हित में जनता जब एकजुट होती है तो रिजल्ट निकलता है जो विश्व में देश की ताकत का एहसास कराता है और तभी एक सम्प्रभु भारत का निर्माण होता है…सच्चे देश प्रेमी पढ़ के आगे ग्रुप में जरूर भेजें🙏🙏

READ IT ALSO

 


*क्योंकि चीन जानता है कि भारतीयों की देशभक्ति मरघटिया वैराग्य की तरह क्षणिक होती है – कुछ दिन हो हल्ला मचा कर भूल जायेंगे*

1962 में चीन ने असावधान और असहाय निर्बल बना दिये गए भारत की पीठ में छुरा भोंक कर करीब 38,000 वर्ग किलोमीटर जमीन हड़प ली लेकिन कम्युनिस्टों द्वारा बहुत गहराई तक और नीति निर्धारण की हद तक घुसपैठ को प्रोत्साहन और संरक्षण दी हुई सरकारों द्वारा कभी भी चीन के विरुध्द जनभावना को उभरने नहीं दिया गया बल्कि उसे दबाने और जनता को 38,000 वर्ग किलोमीटर हड़पे बैठे शत्रु को भुला देने का यथासंभव प्रयास हुआ ।

कम्युनिस्ट भारत में पेन डाउन, टूल डाउन, वर्क टू रूल, गो स्लो, घेराव, तोड़फोड़, हड़ताल, वरिष्ठ कर्मचारियों से मारपीट और हत्या तक कर रहे और करवा रहे थे ताकि भारत की आर्थिक रीढ़ कमजोर ही नहीं बल्कि टूट जाये ताकि मजदूर बेकार हो कर कम्युनिस्ट बन जायें और उधर दूसरी तरफ़ चीन बड़ी तेजी से और भारतीय कम्युनिस्टों के द्वारा भारत में इस्तेमाल किये जाने वाले सभी हथकण्डों के विपरीत अपनी औद्योगिक तरक्की जोर शोर से कर रहा था ताकि भारत के बंद पड़े उद्योगों के कारण वो भारत की जनता की चीजों की माँग की आपूर्ति सस्ते लुभावने लेकिन घटिया क्वालिटी के माल से कर सके और वो माल उसी के एजेंटों याने कि भारतीय कम्युनिस्टों द्वारा बेरोजगार और भिखारी बना दिये गये मजदूर बेच करेंगे – रोजी रोटी कमाएंगे और कम्युनिस्ट राज लाने वाले भरोसेमंद वोटर बनेंगे ।

पिछले 20-25 वर्षों से सुनियोजित षड़यंत्र के तहत यही चल रहा था लेकिन सरकार बदल गयी और चीन ने अपने ग्वादर पोर्ट पर किये गये खर्च और लंबे अरसे तक के जबरदस्त मुनाफ़े को देखते हुए पाकिस्तानी आतंकवाद को समर्थन देने को चुना क्योंकि चीन जानता है कि भारतीयों की देशभक्ति मरघटिया वैराग्य की तरह क्षणिक होती है – कुछ दिन हो हल्ला मचा कर भूल जायेंगे ।

 

 

Filed in: Articles

One Response to “इस दीवाली चीनी माल का बहिष्कार कीजिये”