Author Archives: Anonymous from Net
मापदण्ड बदलो
मापदण्ड बदलो
– दुष्यन्त कुमार (Dushyant Kumar)
मेरी प्रगति या अगति का
यह मापदण्ड बदलो तुम,
जुए के पत्ते...
आग जलनी चाहिए
आग जलनी चाहिए
– दुष्यन्त कुमार (Dushyant Kumar)
हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए
इस हिमालय से कोई गंगा...
एक आशीर्वाद
एक आशीर्वाद
– दुष्यन्त कुमार (Dushyant Kumar)
जा तेरे स्वप्न बड़े हों।
भावना की गोद से उतर कर
जल्द पृथ्वी...
आग जलती रहे
आग जलती रहे
– दुष्यंत कुमार (Dushyant Kumar)
एक तीखी आँच ने
इस जन्म का हर पल छुआ,
आता हुआ दिन छुआ
हाथों...
हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पे दम निकले
– मिर्जा गालिब (Mirza Ghalib)
हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पे दम निकले
बहुत निकले मेरे अरमाँ,...
खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी
खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी
– Subhadra Kumari Chauhan
सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी...
क्योंकि सपना है अभी भी
क्योंकि सपना है अभी भी
– धर्मवीर भारती (Dharamvir Bharti)
…क्योंकि सपना है अभी भी
इसलिए तलवार टूटी अश्व...
दिन कुछ ऐसे गुजारता है कोई
दिन कुछ ऐसे गुजारता है कोई
– गुलजार
दिन कुछ ऐसे गुजारता है कोई
जैसे एहसान उतारता है कोई
आईना...
मुझको भी तरकीब सिखा यार जुलाहे
मुझको भी तरकीब सिखा यार जुलाहे
– Gulzar
अकसर तुझको देखा है कि ताना बुनते
जब कोइ तागा टुट गया या...
यात्रा और यात्री
यात्रा और यात्री
– हरिवंश राय बच्चन (Harivansh Rai Bachchan)
साँस चलती है तुझे
चलना पड़ेगा ही मुसाफिर!
चल रहा...

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