Author Archives: Anonymous from Net

है अँधेरी रात पर दीवा जलाना कब मना है

है अँधेरी रात पर दीवा जलाना कब मना है – Harivansh Rai Bachchan कल्पना के हाथ से कमनीय जो मंदिर बना था भावना...

मकान

मकान – कैफी आजमी (Kaifi Azmi) आज की रात बहुत गरम हवा चलती है आज की रात न फुटपाथ पे नींद आयेगी । सब उठो,...

नर हो न निराश करो मन को

नर हो न निराश करो मन को कुछ काम करो कुछ काम करो जग में रहके निज नाम करो यह जन्म हुआ किस अर्थ अहो समझो...

नहुष का पतन

मत्त-सा नहुष चला बैठ ऋषियान में व्याकुल से देव चले साथ में, विमान में पिछड़े तो वाहक विशेषता से...

आर्य

हम कौन थे, क्या हो गये हैं, और क्या होंगे अभी आओ विचारें आज मिल कर, यह समस्याएं सभी भू लोक का गौरव,...

कृष्ण की चेतावनी (रश्मिरथी)

वर्षों तक वन में घूम-घूम, बाधा-विघ्नों को चूम-चूम, सह धूप-घाम, पानी-पत्थर, पांडव आये कुछ और निखर। सौभाग्य...

वसुधा का नेता कौन हुआ? (रश्मिरथी)

सच है, विपत्ति जब आती है, कायर को ही दहलाती है, शूरमा नहीं विचलित होते, क्षण एक नहीं धीरज खोते, विघ्नों...

समर शेष है

ढीली करो धनुष की डोरी, तरकस का कस खोलो किसने कहा, युद्ध की बेला गई, शान्ति से बोलो? किसने कहा, और...

किसको नमन करूँ मैं भारत?

तुझको या तेरे नदीश, गिरि, वन को नमन करूँ, मैं ? मेरे प्यारे देश ! देह या मन को नमन करूँ मैं ? किसको नमन...

विजयी के सदृश जियो रे

वैराग्य छोड़ बाँहों की विभा संभालो चट्टानों की छाती से दूध निकालो है रुकी जहाँ भी धार शिलाएं...