Author Archives: Anonymous from Net
आग जलती रहे
आग जलती रहे
– दुष्यंत कुमार (Dushyant Kumar)
एक तीखी आँच ने
इस जन्म का हर पल छुआ,
आता हुआ दिन छुआ
हाथों...
हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पे दम निकले
– मिर्जा गालिब (Mirza Ghalib)
हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पे दम निकले
बहुत निकले मेरे अरमाँ,...
खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी
खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी
– Subhadra Kumari Chauhan
सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी...
क्योंकि सपना है अभी भी
क्योंकि सपना है अभी भी
– धर्मवीर भारती (Dharamvir Bharti)
…क्योंकि सपना है अभी भी
इसलिए तलवार टूटी अश्व...
दिन कुछ ऐसे गुजारता है कोई
दिन कुछ ऐसे गुजारता है कोई
– गुलजार
दिन कुछ ऐसे गुजारता है कोई
जैसे एहसान उतारता है कोई
आईना...
मुझको भी तरकीब सिखा यार जुलाहे
मुझको भी तरकीब सिखा यार जुलाहे
– Gulzar
अकसर तुझको देखा है कि ताना बुनते
जब कोइ तागा टुट गया या...
यात्रा और यात्री
यात्रा और यात्री
– हरिवंश राय बच्चन (Harivansh Rai Bachchan)
साँस चलती है तुझे
चलना पड़ेगा ही मुसाफिर!
चल रहा...
है अँधेरी रात पर दीवा जलाना कब मना है
है अँधेरी रात पर दीवा जलाना कब मना है
– Harivansh Rai Bachchan
कल्पना के हाथ से कमनीय जो मंदिर बना था
भावना...
मकान
मकान
– कैफी आजमी (Kaifi Azmi)
आज की रात बहुत गरम हवा चलती है
आज की रात न फुटपाथ पे नींद आयेगी ।
सब उठो,...
नर हो न निराश करो मन को
नर हो न निराश करो मन को
कुछ काम करो कुछ काम करो
जग में रहके निज नाम करो
यह जन्म हुआ किस अर्थ अहो
समझो...

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