Author Archives: Anonymous from Net

भारतीय उद्योगों के बुरे दिन कब समाप्त होंगे : July was particularly bad for manufacturing sector – rediff

भारतीय उद्योगों के बुरे दिन कब समाप्त होंगे ? : July was particularly bad for manufacturing sector – रीडिफ़ अब तो देश के उद्योगों...

Right To Rule By Public Mandate : What should Nawaz Sharif do – Pakistani Lawyer

What should Nawaz Sharif do Nawaz Sharif must now rally the forces of democracy to his side – Yaseer Latif Hamdani , PakistaniLawyer So the judgment has come. The thrice-elected Prime Minister has been disqualified not on the basis of...

‘E-cars pollute more than BS4 vehicles: बिजली की कारें ज्यादा प्रदूषण करती हैं

‘E-cars pollute more than BS4 vehicles: बिजली की कारें ज्यादा प्रदूषण करती हैं भारत मैं मेर्सेदीज के अध्यक्ष के अनुसार...

सप्तर्षियों की पृथ्वी से दूरी – dharm sansar blog

सप्तर्षियों की पृथ्वी से दूरी  – dharm sansar blog http://www.dharmsansar.com/2016/10/saptarshi-distance.html पुराणों में सात महान ऋषियों...

नवाज शरीफ : बदमाश पाकिस्तानी / आई एस आई / सेना ने उन्नीसवें पाकिस्तानी प्रधान मंत्रि का न्यायलय के हारपून से शिकार किया

नवाज शरीफ : बदमाश पाकिस्तानी  / आई एस आई / सेना  ने उन्नीसवें पाकिस्तानी प्रधान मंत्रि का न्यायलय...

एक चिनगारी घर को जला देती है – TOLSTOY

एक चिनगारी घर को जला देती है तोल्सतोय अनुवाद – प्रेमचंद एक समय एक गांव में रहीम खां नामक...

दहेज़ कानून के दुरूपयोग पर उच्चतम न्यायलय की रोक : बाकि एक तरफ़ा कानूनों की समीक्षा भी आवश्यक है .

उच्चतम न्यायलय ने एक अति आवश्यक कदम उठाते हुए दहेज़ की शिकायत पर बिना जांच के गिरफ्तारी पर रोक...

क्या भारत की बढ़ती हुयी कमजोरी चीन की हिम्मत बढ़ा रही है : Sikkim standoff: Why China is challenging India now: HT

हिंदुस्तान टाइम्स का नीचे उद्धृत लेख कटु , विरोधी व् विचारोत्तेजक अवश्य है परन्तु अपनी तरज के...

छद्म धर्म निर्पेक्षता : Pseudo Secularism : Interesting E mail in Circulation

Authenticity is not guaranteed . members may read only for information purposes . अभिनेता अनुपम खेर के तीखे सवाल सुनकर, सुप्रीम कोर्ट के “जजों”...

झंडा बनाम भाषा :क्या चुनावों के लिए देश को विघटित करने की साज़िश हो रही है; अचानक पुराने व् देशद्रोही विघटनवादी तत्व क्यों सक्रीय हो गए हैं

               झंडा बनाम भाषा :क्या चुनावों के लिए देश को विघटित करने की साज़िश हो रही है; अचानक पुराने...