Is India Doomed To Pledge Its Gold Again In 2041 , Fifty Years After 1991 : तमिलनाडु से उठती मुफ्त खोरी की लत की दूसरी सुनामी लहर और लाइसेंस परमिट राज की संभावित वापिसी पूरे देश को बर्बाद कर देगी
१९९१ स्वतंत्र भारत के इतिहास का वह एक मात्र काला साल है जिसमें देश को विदेशी मुद्रा के क़र्ज़ के लिए अपना सोना इंग्लैंड को गिरवी रखना पडा था . इस एक घटना ने देश कि पूरी अर्थव्यवस्था को बदल दिया और आज देश के पास लगभग ७०० बिलियन डॉलर का विदेशी मुद्रा भण्डार है . इसी के दम पर हम आगे के बीस वर्षों को अमृत काल कहने के स्वप्न देख रहे हें .
परन्तु जहाँ हम इस अमृत काल के स्वपन लोक मैं खोये हुए हें वहां ही कुछ घटनाएं देश को पुनः १ ९९१ के काले युग की और धकेलने की असीम संभावनाओं को जन्म दे रही हें .
तमिल नाडू कि स्वर्गीय मुख्य मंत्री जय ललिता ने जो मुफ्तखोरी की लत शुरू की थी और जिसे अरविन्द केजरीवाल ने एक महामारी कि तरह सारे देश को ग्रसित करवा दिया था . अब वही महामारी कि कोरोना की तरह दूसरी कहर फिर तमिल नाडू से ही उठी है . कोरोना ही की तरह दूसरी लहर अत्यंत घातक है .
सत्ता परिवर्तन जनता के लिए अच्छा सिद्ध हो सकता है . परन्तु यदि सत्ता परिवर्तन की कीमत पूरे राष्ट्र को नष्ट करने कि हो तो वह राष्ट्र द्रोह है . मुख्य मंत्री विजय जोसफ ,एम् जी रामचंद्रन व जय ललिता कि तरह लोकप्रिय नेता हो सकते हें . परन्तु यदि लोकप्रियता असंभव वायदों से पाई हो तो क्या किया जाय .
ज़रा तमिलनाडु के नए वायदों को देखें .
Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK), released a welfare-heavy manifesto for the 2026 Tamil Nadu Assembly elections. The major “freebies” and welfare promises included:
- ₹2,500 monthly financial assistance for women heads of households below 60 years
- 6 free LPG cylinders per family every year
- 200 units of free electricity monthly
- Free bus travel for women
- 8 grams (1 sovereign) of gold plus silk saree for poor brides
- ₹25 lakh health insurance coverage for every family
- ₹4,000 monthly allowance for unemployed graduates
- ₹2,500 monthly allowance for diploma holders
- Interest-free education loans up to ₹20 lakh
- Farm loan waivers for small farmers (under 5 acres)
- 100% crop insurance for farmers
- Free higher education for farmers’ children
- ₹15,000 annual assistance for families with children in government/aided schools
- 5 lakh internships annually with stipends
- Housing and welfare schemes for fishermen and workers
- Interest-free loans for women self-help groups (SHGs)
- Regularisation and salary hikes for anganwadi workers, nurses, and teachers
अगर सारे देश मैं केजरीवाल कि तरह इस आग को फैला दिया गया तो देश का विकास पूरी तरह ठप्प हो जाएगा . १९९१ कि तरह हमारी मूडी रेटिंग बहुत गिर जाएगी . इस सब को देने के लिए टैक्स लगाये जायेंगे इससे मंहगाई बढ़ेगी . जिसके कारन वेतन बढ़ेंगे और हमारे उत्पाद मंहगे हो जायेंगे जिससे निर्यात बहुत गिर जाएगा . सरकार कर्जे लेगी और अंततः १९९१ कि ही तरह २०४१ मैं हम अमृत काल की स्थान पर विष काल मैं गिर जायेंगे .
देश को इस नयी विनाशक सुनामी से बचाना अति आवश्यक है .

