Tirupati Model Is An Insult To Ayodhya : क्या सत्तर साल मैं अरबों के घोटालों से सरकारी काम बाबुओं के अलावा किसी और को दिया है ? हिन्दू मंदिरों को सरकार के चुंगुल से निकालना होगा

Tirupati Model Is An Insult To Ayodhya : क्या सत्तर साल मैं अरबों के घोटालों से सरकारी काम बाबुओं के अलावा किसी और को दिया है ? हिन्दू मंदिरों को सरकार के चुंगुल से निकालना होगा

राजीव उपाध्याय

हाल ही मैं अयोध्या के राममंदिर मैं कुछ घोटाले की खबर उछाली जा रही है . जहाँ अरबों का खर्चा हो वहां हर समाज मैं कुछ लालची लोग निकल आते हैं जो अपने पद का दुरूपयोग करते हैं . हो सकता हो की अयोध्या मैं भी कुछ ऐसा मिल जाये . योगी जी ने जांच बिठा दी है उसका फैसला आने दें . अगर कोई दोषी है तो उसे दंड भी अवश्य दें . पर इसको ढाल बना कर अयोध्या के राम मंदिर  पर बाबुओं का कब्ज़ा बिलकुल असहनीय होगा . पांच सौ साल के संघर्ष और प्रतीक्षा   के बाद भव्य राम मंदिर बना है इस पर राजनीती या सत्ता लोभ के लिए व्यर्थ के प्रपंच शर्मनाक होंगे.

श्री नृपेन मिश्रा ने तिरुपति मॉडल की वकालत की है . यह हिन्दुओं  का अपमान है .आ न्ध्र  सरकार ने वर्षों पहले तिरुपति के चढ़ावे से ईसाईयों की बेथ्लम तीर्थ यात्रा  के लिए पैसे दे दिए थे . समाजवादी  सरकार मैं कुम्भ मेले का आयोजन आज़म  खान को दे दिया था पर कभी किसी चर्च ने या मुसलमानों ने हिन्दुओं को मस्जिदों का इमाम नहीं बनाया या चर्च का प्रबंधन नहीं दिया . फिर नेता और बाबु तो देश के हर भर्ष्टाचार मैं संलिप्त है चाहे वह बोफोर हों या पनडुब्बी. उनको मंदिर का अध्यक्ष कैसे बनाया जा सकता है . मंदिर भक्ति व् श्रद्धा  का केंद्र है और इसे भक्ति व् श्रद्धा   केंद्र ही रहने दें . यह कहना की अस्सी करोड़ हिन्दुओं मैं कोई इमानदार नहीं है हिन्दुओं का अपमान होगा.

इस बात को भी समझ लें कि  जहां गुड होगा कुछ मक्खी आयेंगी ही . कस्बों के डॉक्टर भी एम्बुलेंस से घर चले जाते हैं ! छोटी छोटी बातों  को तूल देना व्यर्थ है.  रोम मैं भी सदियों पहले पोप ने भी कभी स्वर्ग की टिकेट बेचीं थीं . अजमेर शरीफ की दरगाह का सेक्स काण्ड सर्व विदित है . दिल्ली की जामा मस्जिद की पार्किंग पर शुल्क वसूला जाता है . वहां की दूकानों की भी आमदनी भी अफवाहों के घेरे मैं आती है . तमिलनाडु की सरकार मंदिरों की जमीन बेचती रहती है.

इसलिए इस तरह के बेकार के प्रोपगंडे से बचें . दोषी को पकड़ें दंड दें . नियुक्तियां बहुत जांच के बाद करें . पर श्रद्धा को ठेस न पहुंचाएं और मंदिर भक्तों के हाथ मैं रहने दें .

अयोध्या के राम मंदिर को पांच सौ साल के संघर्ष व् प्रतीक्षा  के अनुरूप  सुखदाई बनाना ही हर हिन्दू का कर्तव्य है.

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