भारतीय इसरो की GSLV F 17 ROCKET नए सटेलाईट प्रक्षेपण मैं शानदार सफलता : पर पिछली असफलताओं के पीछे विदेशी जासूसी षड्यंत्रों का पर्दाफाश नहीं हुआ
देश के अन्तरिक्ष की सफलताओं मैं इस वर्ष की जन्माष्टमी ने एक नया इतिहास बना दिया . भारत प्रथम बार अन्तरिक्ष की भूतुल्यकाली (Geosynchronous) Orbit मैं एक रक्षा की क्षमता वाला उच्च कोटि का सतेलाईट प्रक्षेपित कर दिया . अब भारत किसी हद तक अपनी रक्षा के लिए विदेशी सतेलाईट पर आश्रित नहीं रहेगा .
यह सफलता इस लिए भी बहुत महत्व पूर्ण है की हमारे पिछले दो प्रयास रहस्यमयी ढंग से असफल रहे थे .
| Mission | Date | What failed | Official/known cause |
| PSLV-C61 / EOS-09 | 18 May 2025 | PS3 (third stage) | Fall in combustion-chamber pressure during third-stage operation |
| PSLV-C62 / EOS-N1 | 12 Jan 2026 | PS3 (third stage) | Anomaly during the end of PS3 stage; investigation initiated |
The first failure was explicitly attributed by ISRO Chairman V. Narayanan to a drop in chamber pressure in the third-stage motor.
The striking point is that both failures occurred in the third stage (PS3). ISRO subsequently constituted expert investigations into the failures.
क्योंकि पीसेल्वी हमारा सबसे विश्वसनीय राकेट था इसलिए यह लगने लगा था की विदेशी ताकतें हमारी जस्सूसी सतेलाईट को फ़ैल करना चाहती हैं . कुछ कयास लगाए जा रहे हैं की रॉ ने कुछ छेड़खानी की सबूत ढूंढ भी लिए हैं . पर इनका सार्वजानिक खुलासा करना संभव नहीं है . हमारे इतने परमाणु वैज्ञानिकों की रहस्य मयी ह्त्या हो चुकी है की इसको मानना कोई मुश्किल नहीं है . इसरो के ही बड़े वैज्ञानिक नम्बी नारायणन को झूठी केस मैं फंसा कर जेल मैं डाल दिया था .
अमरीका ने कई लांच रुकवा दी थीं क्योंकि उनमें अमरीकी कैमरों का तथा कथित बिना अनुमोदन के प्रयोग किया गया था .
एक बात साफ़ है भारत महा शक्ति किसी की दया से नहीं बनेगा बल्कि विपदाओं को झेलते हुए अपने दृढ इरादों से बनेगा . देश मैं बहुत सशक्त नेत्रित्व है सिर्फ बाबु शाही को कण्ट्रोल मैं रखना होगा .
जन्माष्टमी के दिन देश को इससे बड़ी खुश खबरी नहीं मिल सकती थी . इसरो के वैज्ञानिकों को कृतग्य देशवासियों की अनेकों शुभकामनाएं और बधाइयों के साथ रात को जन्माष्टमी पूजन होगा .

