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हिमालय – रामधारी सिंह दिनकर की सुन्दर कविता ‘ रे रोक युधिष्टिर को न आज –‘
हिमालय
मेरे नगपति! मेरे विशाल!
साकार, दिव्य, गौरव विराट्, पौरूष के पुन्जीभूत ज्वाल!
मेरी जननी...
दो गुजराती ———-good poem
दो गुजराती ———-
67 साल पहले एक गुजराती
ने देश को अंग्रेजों सेमुक्त
किया था…..
अब 67 साल बाद एकगुजराती
ने...
राधा व् कृष्ण का भेद – स्वर्ग मैं भेंट सुन्दर कविता
राधा कृष्ण का भेद – कवि का नाम नहीं पता
स्वर्ग में विचरण करते हुए
अचानक एक दुसरे के...
शाकाहार के समर्थन मैं कविता
शाकाहार पर कविता
गर्व था भारत-भूमि को
कि महावीर की माता हूँ।।
राम-कृष्ण और नानक जैसे
वीरो की यशगाथा...
किस रावण की काटूं बाहें,किस लंका को आग लगाऊँ..!
किस रावण की काटूं बाहें,
किस लंका को आग लगाऊँ..!
घर घर रावण पग पग लंका,
इतने राम...
‘नशा’: मुंशी प्रेमचंद की कहानी
‘नशा’: मुंशी प्रेमचंद
ईश्वरी एक बड़े ज़मींदार का लड़का था और मैं गरीब क्लर्क का, जिसके पास मेहनत-मजदूरी...
भिक्षुक – निराला की कविता
वह आता– दो टूक कलेजे के करता पछताता पथ पर आता।
पेट पीठ दोनों मिलकर हैं एक, चल रहा लकुटिया टेक,
मुट्ठी...
मधुर-मधुर मेरे दीपक जल! – महादेवी वर्मा की कविता
मधुर-मधुर मेरे दीपक जल!
महादेवी वर्मा
मधुर-मधुर मेरे दीपक जल!
युग-युग प्रतिदिन प्रतिक्षण प्रतिपल
प्रियतम...
ठुकरा दो या प्यार करो / सुभद्राकुमारी चौहान
ठुकरा दो या प्यार करो / सुभद्राकुमारी चौहान
Kavita Kosh with thanks
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: सुभद्राकुमारी चौहान
देव! तुम्हारे...

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